अरविंद दुगारिया, सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर रविवार को आमला स्थित प्रज्ञाकुंज में गायत्री परिवार द्वारा अपने पितरो का तर्पण करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया यहां अलग अलग पारियो में 750 लोगो द्वारा पितरो का तर्पण कर उन्हें जालंजलि दी गई साथ ही सभी ने यहां शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, ऋषियों को भीम तर्पण कर जालंजलि दी. ऐसी मान्यता है की श्राद्ध पक्ष के दौरान हमारे मृत पितृ इस दौरान पृथ्वी पर आकर हमसे अपेक्षा रखते है की हम उनका तर्पण कर उन्हें जालंजलि दे. बता दे की श्राद्ध पक्ष, जिसे पितृ पक्ष के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण 16-दिवसीय अवधि है, जो आमतौर पर भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होकर अश्विन मास की अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) तक चलती है। यह अवधि पूर्वजों (पितरों) को समर्पित होती है, जिसमें लोग अपने मृत परिजनों और पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
सर्वपितृ अमावस्या पर 750 परिवारों ने तर्पण कर दी जलांजलि, प्रज्ञाकुंज में गायत्री परिवार ने किया कार्यक्रम आयोजित

