अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कार्यालय में लगी लिफ्ट अचानक तकनीकी खराबी के चलते बीच रास्ते में ही बंद हो गई। लिफ्ट में आबकारी विभाग के अधिकारी त्रिवेदीजी फंसे हुए थे। जैसे ही लिफ्ट रुकी, बाहर लगा आपातकालीन सायरन तेज आवाज में बजने लगा, जिससे पूरे कलेक्टोरेट में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सायरन की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग मौके पर जमा हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों ने लिफ्ट का दरवाजा हाथ से खोलने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। वहीं, बाहर लगे आपातकालीन फोन के माध्यम से लिफ्ट के अंदर फंसे अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश भी की गई, परंतु तकनीकी कारणों से संपर्क नहीं हो सका। इसी बीच मौके पर मौजूद कर्मचारी असलम खान ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए वैकल्पिक चाबी की व्यवस्था की और तत्काल लिफ्ट के दरवाजे तक पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला गया। इस दौरान पता चला कि लिफ्ट पूरी तरह नीचे नहीं आई थी, बल्कि आधे रास्ते में ही अटकी हुई थी, जिससे स्थिति और भी जोखिम भरी हो गई थी। कर्मचारी असलम खान ने अपना हाथ बढ़ाकर लिफ्ट में फंसे आबकारी अधिकारी त्रिवेदीजी को सुरक्षित नीचे उतारा। अधिकारी के बाहर निकलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। गनीमत रही कि समय रहते सूझबूझ और साहस से काम लिया गया, अन्यथा यह घटना एक बड़े हादसे में भी बदल सकती थी। घटना ने कलेक्टोरेट जैसी महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों में लिफ्टों के रखरखाव और सुरक्षा इंतजामों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कलेक्टोरेट में बड़ा हादसा टला! चलती लिफ्ट में फंसे आबकारी अधिकारी, सायरन की गूंज से मची अफरा-तफरी, कर्मचारी की सूझबूझ से बची जान











