अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- जिला मुख्यालय स्थित छावनी नाका चौराहे पर संचालित एक रहस्यमयी होटल पर गुरुवार देर शाम CSP मोतीलाल कुशवाह के निर्देशन में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए होटल की सर्चिंग की। होटल में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के बाद टीम जब मौके पर पहुंची तो यहां कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि होटल बिना वैध लाइसेंस, बिना रजिस्ट्रेशन और बिना किसी सरकारी अनुमति के संचालित किया जा रहा था।
सीएसपी मोतीलाल कुशवाह, कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, एसआई राखी गुर्जर एवं पुलिस बल की टीम होटल के दूसरे माले पर पहुंची और सभी कमरों की तलाशी ली। पुलिस की दबिश के दौरान होटल में कोई भी व्यक्ति नहीं मिला हालांकि इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और लोगों की भीड़ मौके पर इकट्ठी होने लगी।
पुलिस ने रुकने वालों का रजिस्टर चेक किया तो उसमें बाहरी यात्रियों से अधिक स्थानीय आगर शहर के लोगों के नाम पाए गए, जो पुलिस के लिए सबसे बड़ा संदेह का कारण बना।
हैरानी की बात यह रही कि रुकने वाले किसी भी व्यक्ति का कोई पहचान पत्र, दस्तावेज, पता या कोई वैध प्रमाण उपलब्ध नहीं था।
इस पर पुलिस अधिकारियों ने होटल संचालक को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई, साथ ही रजिस्टर एवं सभी उपलब्ध दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर जब्त कर थाने भेजा।
जांच में यह भी सामने आया कि होटल मालिक के पास होटल संचालन का कोई लाइसेंस ही नहीं है। बिना अनुमति और बिना किसी सरकारी रजिस्ट्रेशन के लंबे समय से होटल चलाया जा रहा था।
CSP मोतीलाल कुशवाह ने बताया की सागर होटल की सर्चिंग के दौरान संचालन के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले हैं। बिना अनुमति के कमरे किराए पर दिए जा रहे थे। फिलहाल होटल को अस्थाई रूप से बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। शहर के सभी होटलों की जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं आपराधिक प्रवृत्ति के लोग इनमें शरण तो नहीं ले रहे।

