अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आगर मालवा जिला मुख्यालय पर भव्य, गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण मुख्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परेड की सलामी ली। ध्वजारोहण के साथ ही पूरा परिसर देशभक्ति के नारों और राष्ट्रीय भावना से सराबोर हो गया। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता कर आयोजन को यादगार बनाया।

ध्वजारोहण के पश्चात प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का वाचन किया। संदेश में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं भावी योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है और सुशासन के माध्यम से प्रदेश को विकास के नए आयामों तक ले जाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री के संदेश के उपरांत कार्यक्रम स्थल पर गुब्बारे छोड़े गए और हर्ष फायर किया गया, जिससे समारोह का उत्साह चरम पर पहुंच गया। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने पुलिस लाइन, महिला पुलिस बल, स्काउट-गाइड, महिला एवं बाल विकास विभाग के शौर्य दल तथा विभिन्न विद्यालयों की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत अनुशासित परेड का निरीक्षण किया और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।

समारोह के दौरान मंच पर कलेक्टर प्रीति यादव, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इसके पश्चात देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिजनों एवं लोकतंत्र की रक्षा में योगदान देने वाले लोकतंत्र प्रहरियों का सम्मान किया गया। यह पल भावुक और गौरवपूर्ण रहा, जहां उपस्थित जनसमूह ने तालियों के साथ सम्मानितजनों का अभिनंदन किया।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। देशभक्ति गीतों, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने आज़ादी, संविधान और राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रभावी रूप से दिया।

पूरे आयोजन ने देशप्रेम, एकता और संविधान के प्रति सम्मान की भावना को सशक्त रूप से प्रकट किया। हालांकि, समारोह के दौरान शहीद की पत्नी के सम्मान में हुई प्रशासनिक चूक चर्चा का विषय बन गई,

जिसने कार्यक्रम की गरिमा पर सवाल भी खड़े किए। इसके बावजूद गणतंत्र दिवस का यह मुख्य समारोह आगर मालवा में राष्ट्रभक्ति और उत्साह के संदेश के साथ संपन्न हुआ।












