अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- शहर के छावनी झंडा चौक स्थित कथित फर्जी क्लिनिक को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कलेक्टर प्रीति यादव द्वारा गत मंगलवार को CMHO डॉ. दिनेश दहलवार को तत्काल जांच कर कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद, पूरे 7 दिन बीत जाने पर भी झोलाछाप डॉक्टर कमल कारपेंटर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश की यह अनदेखी अब चर्चा का विषय बन चुकी है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर ने मौके पर ही CMHO को निर्देश दिए थे कि टीम गठित कर क्लिनिक पर पहुंचें, उपचार कर रहे व्यक्ति की चिकित्सा डिग्री, रजिस्ट्रेशन सहित सभी वैध दस्तावेजों की जांच करें और यदि दस्तावेज न मिले तो क्लिनिक को तत्काल सील किया जाए। साथ ही निर्देश था कि यदि वह मौके पर न मिले तो भी क्लिनिक को सील कर दिया जाए।
लेकिन इन कलेक्टर निर्देश के बावजूद 7 दिनों में एक भी कदम न उठाए जाने पर आक्रोश बढ़ गया है। मंगलवार को जब पुनः शिकायत कलेक्टर प्रीति यादव के समक्ष पहुंची, तब उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की जांच रिपोर्ट आने के बाद इस फर्जी क्लिनिक पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, कमल कारपेंटर लंबे समय से बिना किसी चिकित्सा डिग्री के मरीजों का इलाज कर रहा है और कई बार लोगों की जान जोखिम में डालने के आरोप भी सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग में शिकायतें लगातार पहुंचती रहीं, लेकिन कार्रवाई न होने से नागरिकों में रोष पनप रहा था।
कलेक्टर प्रीति यादव के निर्देश की CMHO ने उड़ाई धज्जियां- झोलाछाप कमल कारपेंटर खुलेआम कर रहा लोगो का उपचार, अब कलेक्टर ने लिया बड़ा एक्शन…











