अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई जनसुनवाई योजना को लेकर मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने अधिकारियों से लेकर आमजन तक को चौंका दिया। जनसुनवाई में अपनी समस्या का समाधान न मिलने से आहत एक युवक जनसुनवाई योजना को ही बंद कराने का आवेदन लेकर पहुँच गया।
प्रदेशभर में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में दूर-दराज़ के ग्रामीण और शहरी फरियादी अपनी समस्याएं लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुँचते हैं। कई मामलों में यहां से राहत भी मिलती है, लेकिन अनेक बार ऐसा भी होता है कि निर्देशों के बावजूद जिम्मेदार विभागों की लापरवाही से समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। इसी उपेक्षा और निराशा ने एक युवक को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
मंगलवार को हुई जनसुनवाई में बापचा निवासी फरियादी प्रेम यादव अपर कलेक्टर आर.पी. वर्मा के समक्ष जनसुनवाई योजना को बंद करने का आवेदन लेकर पहुँचा। आवेदन की विषयवस्तु देखकर अपर कलेक्टर भी हैरान रह गए। हालांकि शासन की योजना होने के कारण आवेदन स्वीकार नहीं किया गया, लेकिन प्रेम यादव की मूल समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन जरूर दिया गया।
प्रेम यादव ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद भू-अर्जन संबंधी नोटिस में नाम परिवर्तन के लिए वह लगातार तीन जनसुनवाई में आवेदन दे चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी पीड़ा को उसने अपने आवेदन में शब्दों में उतारते हुए लिखा कि ऐसी जनसुनवाई का क्या लाभ, जहां लोगों को न्याय ही न मिले। लोग दूर-दूर से घंटों इंतजार करते हैं, फिर भी उनके आवेदनों पर अमल नहीं होता।
कलेक्टर कार्यालय में यह घटनाक्रम सामने आते ही पूरे परिसर में इसकी चर्चा होने लगी। प्रेम यादव की पीड़ा अकेली नहीं है—ऐसे कई फरियादी हैं जो बार-बार जनसुनवाई में पहुँचते हैं, लेकिन समाधान के अभाव में उनका भरोसा धीरे-धीरे टूटता जा रहा है। यह अनोखा आवेदन प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है कि योजनाओं की सफलता सिर्फ मंच पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखनी चाहिए।
“कलेक्टर साहब, जनसुनवाई योजना बंद करवा दीजिए…” समाधान न मिलने से आहत युवक पहुँचा अनोखा आवेदन लेकर, अफसर भी रह गए हैरान..

