अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- बगलामुखी मंदिर दर्शन के लिए आए हरियाणा के श्रद्धालुओं के साथ निजी बस स्टाफ द्वारा कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नलखेड़ा तक छोड़ने का भरोसा देकर बस में बैठाए गए यात्रियों को आगर बस स्टैंड पर ही उतार दिया गया, जिससे आक्रोशित यात्रियों ने जमकर हंगामा कर दिया। जानकारी के अनुसार हरियाणा के सोनीपत से करीब 30 श्रद्धालु महाकाल दर्शन के बाद नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। सभी यात्री उज्जैन के देवास गेट बस स्टैंड पहुंचे, जहां उज्जैन से आगर के बीच संचालित एक निजी यात्री बस पहले से खड़ी थी।
यात्रियों का आरोप है कि बस चालक व कंडक्टर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि बस सीधे नलखेड़ा तक जाएगी, जिसके बाद सभी यात्री बस में सवार हो गए। लेकिन आगर पहुंचते ही बस चालक व कंडक्टर ने यात्रियों को उतरने के लिए कह दिया और बताया कि बस केवल आगर तक ही जाती है, नलखेड़ा के लिए उन्हें दूसरी बस पकड़नी होगी। यह सुनते ही यात्रियों में रोष फैल गया और उन्होंने बस स्टैंड पर विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस, यात्रियों और बस स्टाफ के बीच काफी देर तक बहस होती रही। पुलिस ने बस स्टाफ को कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद बस स्टाफ ने यात्रियों के लिए दूसरी बस की व्यवस्था कर उन्हें नलखेड़ा रवाना किया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
इस घटना ने निजी बस संचालकों की मनमानी और यात्रियों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं ने मांग की है कि इस तरह की धोखाधड़ी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी यात्री के साथ ऐसा न हो।

