आगर मालवा- जिला मुख्यालय स्थित रामकृष्णा हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टर संजय जामलिया पर गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाने वाला ग्राम दमदम निवासी प्रकाश कुम्भकार अब अपने बच्चे की जिंदगी बचाने की अंतिम उम्मीद लेकर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी के पास पहुँचा। एक वर्ष से न्याय के लिए भटक रहे प्रकाश ने सांसद के समक्ष रुँहासे चेहरे के साथ अपनी व्यथा सुनाई और कहा की साहब, हर दफ्तर की चौखट पर गया, हर जगह आवेदन दिया, अब थक गया हूँ। मेरी आख़िरी उम्मीद आप ही हैं।
प्रकाश की बात सुनकर सांसद सोलंकी ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और उसे भरोसा दिलाया कि वे बच्चे को न्याय दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित सभी जिम्मेदार अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। सांसद ने कहा कि किसी भी बच्चे का भविष्य लापरवाही के कारण बर्बाद होना अत्यंत दुखद है और इस मामले को वे प्राथमिकता से आगे बढ़ाएंगे।
प्रकाश कुम्भकार का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर जामलिया ने उसके बच्चे के मूत्र मार्ग में डाली गई नली पर लगातार बीस दिनों तक ध्यान नहीं दिया। इससे संक्रमण तेजी से बढ़ता गया और बाद में नली को गलत तरीके से निकाले जाने के कारण बच्चे का मूत्र मार्ग पूरी तरह चोक हो गया। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि प्रकाश के अनुसार, डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि बच्चा भविष्य में पिता भी नहीं बन सकेगा।
बीते एक वर्ष में प्रकाश कुम्भकार कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई, उज्जैन क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक, कोतवाली थाना और एसपी कार्यालय तक कई बार शिकायतें दर्ज करा चुका है, मगर अब तक किसी भी प्रकार की वास्तविक कार्रवाई सामने नहीं आई। स्वास्थ्य विभाग ने जांच समिति तो गठित कर दी थी, लेकिन महीनों बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आने से पीड़ित परिवार की पीड़ा और बढ़ गई है।
लगातार उपेक्षा और न्याय न मिलने से हताश होकर प्रकाश अब अपने मासूम बेटे के भविष्य को लेकर अंतिम उम्मीद लेकर सांसद सोलंकी तक पहुँचा। सांसद के आश्वासन ने पीड़ित परिवार में उम्मीद की एक नई किरण जरूर जगाई है।











