अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- दिवाली त्योहार को लेकर नगर पालिका द्वारा नये बस स्टैंड परिसर में अस्थायी पटाखा बाजार तो स्थापित कर दी गई, लेकिन सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं के नाम पर घोर लापरवाही देखने को मिली। दुकानदारों से कर शुल्क वसूलने के बाद भी न तो टीन शेड की व्यवस्था की गई और न ही अन्य बुनियादी इंतजाम। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस संबंध में जानकारी के नगर पालिका सीएमओ कुशलसिंह डोडवे से बात करना चाही लेकिन उन्होंने फ़ोन उठाना जरुरी नहीं समझा. इस संबंध में एसडीएम व डूडा अधिकारी मिलिंद ढोके से बात की गई तो उन्होंने कहा की पटाखा बाजार में टीन शेड की दुकाने होना अनिवार्य है मै अभी नगर पालिका को पत्र लिखकर टीन शेड लगाने व अन्य व्यवस्थाओ के निर्देश देता हूँ.
दुकानदारों के अनुसार नगर पालिका द्वारा वसूला गया शुल्क तो लिया गया लेकिन सुविधाएं शून्य हैं। हालात यह हैं कि जहां टीन शेड में दुकाने लगनी चाहिए थीं, वहां सामान्य टेंट लगाकर अस्थायी रूप से दुकानें खड़ी कर दी गई हैं। पटाखों के बारूद और गर्मी में मामूली चिंगारी भी बड़ा विस्फोट बन सकती है, ऐसे में यह लापरवाही सभी के लिए खतरा बन सकती है।
शुक्रवार को एसपी विनोद कुमार सिंह, एएसपी रविन्द्र कुमार बोयट, कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, यातायात सूबेदार जगदीश यादव सहित पुलिस व नगर पालिका की टीम ने पटाखा बाजार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने एक-एक दुकान का जायजा लिया। कई जगह व्यवस्थाओं में कमी साफ नजर आई — जिस पर अधिकारियों ने संबंधित अमले को तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए।
हालांकि दुकानदारों ने अपनी ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए हैं, दुकानों के पास पानी के ड्रम और अग्निशमन यंत्र रखे गए हैं, लेकिन नगर पालिका की जिम्मेदारी सिर्फ शुल्क वसूलने तक सीमित दिख रही है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा यदि समय पर मजबूत टीन शेड और सुरक्षा बैरिकेड्स लगाए जाते, तो हादसे की संभावनाएं काफी हद तक कम हो जातीं।

