अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- जिले की की अलग-अलग ग्राम पंचायतो मे नौकरी दिलाने के नाम पर की गई बड़ी ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वर्षों से विवादों में रहे साजिद-वाजिद नामक दो सगे भाइयों पर जिले के 400 से अधिक युवाओं, जिनमें कई युवतियां भी शामिल हैं, से लाखों रुपये की ठगी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि युवाओं को ग्राम पंचायत में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पहले उनसे पैसे वसूले गए, फिर न नौकरी दी गई और न ही रकम लौटाई गई। उल्टा, जब पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे तो उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं। ठगी का शिकार हुए युवाओं ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व उनके मोबाइल पर लघु उद्योग विकास परिषद के नाम से ग्राम पंचायत में नौकरी लगाने से जुड़े संदेश आने लगे। इन संदेशों पर संपर्क करने पर उन्हें छावनी झंडा चौक स्थित कार्यालय पर बुलाया गया, जहां साजिद-वाजिद ने पंचायत में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाते हुए प्रति व्यक्ति 6,500 रुपये जमा करवा लिए। पैसे लेने के बाद भी नौकरी नहीं लगाई गई। इसके बाद दोनों भाइयों ने ट्रेनिंग के नाम पर युवाओं को भोपाल ले जाकर प्रति व्यक्ति 1,500 रुपये और वसूले। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली तो बहाने बनाकर और रकम मांगी गई। युवाओं ने अपनी-अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार पैसे दिए, जो कुल मिलाकर लाखों रुपये तक पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि जिलेभर से 400 से अधिक युवाओं ने इन पर भरोसा कर रकम सौंपी। पीड़ित युवकों का आरोप है कि जब लंबे समय तक नौकरी नहीं लगी और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो साजिद-वाजिद के साथ उनके सहयोगी खुशबू, जगदीश और अली ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इससे डरे-सहमे पीड़ित युवाओं ने आखिरकार एकजुट होकर पुलिस प्रशासन की शरण ली। बुधवार को ठगी से परेशान युवक-युवतियां बड़ी संख्या में एसपी कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ठगी की रकम वापस दिलाने की मांग की। उल्लेखनीय है कि साजिद-वाजिद पर पूर्व में भी कंप्यूटर डिप्लोमा दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने के आरोप लग चुके हैं। अब एक बार फिर सामने आए इस बड़े ठगी कांड से शहर में हड़कंप मच गया है और सभी की निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई.

