अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- पत्रकारिता की असली ताकत क्या होती है — यह लखमनखेड़ी गांव में साफ दिखा। 14 अक्टूबर को Telegram Times पर प्रसारित हुई उस मार्मिक खबर ने, जिसमें ग्रामीणों को एक बुजुर्ग महिला की शवयात्रा नदी के बीच से निकालनी पड़ी, प्रशासन को तुरंत हरकत में ला दिया।
घटना ने न केवल लोगों के दिल को झकझोर दिया बल्कि कलेक्टर प्रीति यादव ने भी संज्ञान लेते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए। निर्देश के बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पुलिया निर्माण के लिए पूरा मौका मुआयना किया।
कार्यपालन यंत्री अशोक पाटीदार ने बताया कि टीम ने स्थल का निरीक्षण कर लिया है और पुलिया निर्माण के लिए लगभग 65 लाख रुपये का स्टीमेट तैयार कर कलेक्टर कार्यालय को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य को हरी झंडी मिल जाएगी।
गौरतलब है कि गांव में श्मशान स्थल न होने के कारण बुजुर्ग महिला की शवयात्रा नदी पार कर दूसरी ओर ले जानी पड़ी थी। बरसात के बाद नदी में पानी होने से ग्रामीणों को शव ले जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
ग्रामीणों ने Telegram Times को बताया कि पुलिया बन जाने से न सिर्फ शवयात्रा जैसी संवेदनशील स्थितियों में परेशानी खत्म होगी, बल्कि आवागमन की भी वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान होगा।
👉 यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जब पत्रकारिता जनहित में की जाती है, तो वह न सिर्फ आवाज़ उठाती है बल्कि समाधान का रास्ता भी बनती है।
👉 Telegram Times की प्रभावी रिपोर्टिंग ने प्रशासन को जगाकर एक बड़ा कदम उठवाया है।

