अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर संचालित एसडीएम एवं तहसीलदार न्यायालयों की वर्तमान व्यवस्था आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। न्याय तक सहज और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने की मांग को लेकर अभिभाषक संघ के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने सोमवार को जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान को एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि एसडीएम व तहसीलदार न्यायालय दूरस्थ क्षेत्र में स्थित होने के कारण वहां तक पहुंचने के लिए कोई नियमित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले फरियादी, वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं महिलाओं को सुनवाई के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय, धन और सुरक्षा, तीनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। विशेष रूप से महिलाओं को आने-जाने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और कई अवसरों पर वे दुर्घटनाओं का शिकार भी हो चुकी हैं.
अभिभाषक संघ ने यह भी अवगत कराया कि इस संबंध में पूर्व में ठहराव प्रस्ताव के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्थानांतरण की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए सहमति दी जा चुकी है, किंतु लंबे समय से यह विषय लंबित है और अब तक इसका निराकरण नहीं हो पाया है। इससे न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है और आम नागरिकों को अनावश्यक मानसिक व आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए एसडीएम एवं तहसीलदार न्यायालयों को संयुक्त कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थानांतरित किया जाए, ताकि एक ही स्थान पर प्रशासनिक व न्यायिक कार्यों का संचालन हो सके और आमजन को त्वरित, सुरक्षित एवं सुलभ न्याय मिल सके। इस अवसर पर अभिभाषक अंजू चौबे, धर्मेंद्र परमार, राजेश नागदिया, मनीष शर्मा, विकास पाठक सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।
7 किमी दूर न्यायालय बना परेशानी की वजह, अभिभाषक संघ ने उठाई आवाज, SDM- तहसीलदार न्यायालय को संयुक्त कलेक्टर कार्यालय में स्थानांतरित करने प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन











