अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- जिले की कृषि उपज मंडी में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बीती रात ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से नीचे लटक रही बिजली की केबल टूट गई और दो बिजली पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए। रात की यह घटना सुबह बड़े विवाद में बदल गई और मंडी का पूरा कामकाज प्रभावित हो गया। बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी मिलने पर बिजली विभाग के अधिकारियों ने नुकसान को गंभीर मानते हुए व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। जैसे ही यह सूचना व्यापारी संघ तक पहुंची, व्यापारी आक्रोशित हो उठे और विरोध में मंडी की नीलामी प्रक्रिया तत्काल बंद कर दी। इतना ही नहीं, मंडी का मुख्य द्वार भी बंद कर दिया गया, जिससे मंडी का पूरा संचालन ठप हो गया।
नीलामी बंद होने से अपनी उपज बेचने आए किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सैकड़ों किसान मंडी प्रांगण में अपनी फसल लेकर खड़े रहे और जब बोली शुरू नहीं हुई तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने मंडी कार्यालय और परिसर के बाहर जोरदार हंगामा किया और जल्द नीलामी शुरू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ती देख कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को काबू में करने की कोशिश की। करीब एक घंटे से अधिक समय तक मंडी में नीलामी कार्य पूरी तरह बंद रहा और तनावपूर्ण माहौल बना रहा। इसी बीच बिजली विभाग के सहायक यंत्री मंजरेश कुमार मिश्रा, मंडी सचिव अवनीश सिन्हा और व्यापारी प्रतिनिधियों के बीच मंडी सचिव के चेंबर में बैठक हुई। व्यापारियों की ओर से भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष भरत प्रजापति भी मौके पर पहुंचे और मध्यस्थता करते हुए मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
लंबी चर्चा के बाद मंडी सचिव अवनीश सिन्हा ने स्पष्ट किया कि टूटे हुए बिजली पोल और केबल की क्षतिपूर्ति कर दी जाएगी तथा किसी भी पक्ष के खिलाफ तत्काल कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि एफआईआर की बात को लेकर व्यापारियों में नाराजगी थी, जिसे समझाइश के बाद दूर कर दिया गया है।
समझौते के बाद स्थिति सामान्य हुई और बंद पड़ी नीलामी प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने मंडी व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि यह घटना रात में हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया—यदि यही घटना दिन के समय होती तो गंभीर जनहानि भी हो सकती थी।

