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सोसायटी का कर्मचारी ही निकला तिजोरी लूट का मास्टरमाइंड! झौटा सहकारी संस्था में लाखों की नकदी उड़ाने वाली टीम बेनकाब, पुलिस ने तीन को पकड़ा, 2 लाख के साथ एक आरोपी फरार..

आगर मालवा- झौटा प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था में हुई लाखों की नकदी चोरी की गुत्थी कोतवाली पुलिस ने सुलझा ली है। इस वारदात में चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि तिजोरी चोरी की पूरी साजिश संस्था के ही कर्मचारी ने रची थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 50 हजार रुपये और चोरी में प्रयुक्त चाबी बरामद की है, जबकि एक आरोपी चोरी की 2 लाख रुपये की रकम के साथ फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

मामले के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने सहकारी और शासकीय संस्थाओं में हो रही चोरी एवं गबन की घटनाओं पर गंभीरता से कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र कुमार बोयट, एसडीओपी मोतीलाल कुशवाहा और थाना प्रभारी शशि उपाध्याय के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी में लिप्त गिरोह का पर्दाफाश किया।

घटना का खुलासा तब हुआ जब सहायक प्रबंधक दिनेश कुमार माली ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 5–6 अक्टूबर की रात झौटा सहकारी संस्था का ताला तोड़कर तिजोरी से 3 लाख 55 हजार रुपये चोरी कर लिए गए थे। घटना का पता अगले दिन सुबह चला। पुलिस ने जांच के दौरान संदेह के आधार पर भैरूसिंह बेलदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि पूरी चोरी की योजना सोसायटी के कर्मचारी प्रमोद उर्फ घनश्याम ने बताई थी। उसके इशारे पर भैरूसिंह, कमल मालवीय और कमलसिंह सोधिंया ने मिलकर मेन गेट की डुप्लीकेट चाबी और तिजोरी की मूल चाबी का उपयोग कर रकम चोरी की।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी के बाद चारों आरोपी भैरूसिंह के खेत पर पहुंचे और वहां चोरी की रकम आपस में बांटी। इसी दौरान आरोपी कमलसिंह ने 2 लाख रुपये अपने पास रख लिए और फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने प्रमोद उर्फ घनश्याम और कमल मालवीय को भी अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, जिसमें दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद तीनों को 15 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के कब्जे से 50 हजार रुपये और चोरी में उपयोग चाबी बरामद की है। फरार आरोपी कमलसिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की संयुक्त टीमें सक्रिय हैं। प्रकरण धारा 331(4), 305(e) बीएनएस के तहत विवेचना में है और गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा के लिए भेजा जा रहा है। इस पूरे खुलासे में थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, उप निरीक्षक राखी गुर्जर, एएसआई कमल सिंह राठौड़, प्रधान आरक्षक भगवान सिंह, गिरजा शंकर त्रिपाठी, रूद्रेश मीणा, बंटी धाकड़, आरक्षक शिवम यादव और महिला आरक्षक पूजा भिलाला की भूमिका सराहनीय रही।

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