अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- सुसनेर में गत दिनों दोपहर मे शहर के बीचोंबीच एक दुकान के भीतर घुसकर की गई मारपीट और लूट की घटना ने लोगों को दहला दिया। पीड़ित युवक ने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी पुलिस ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की, बल्कि मात्र अदम चेक काटकर मामला रफा-दफा कर दिया। इससे आक्रोशित पीड़ित ने एसपी विनोद कुमार सिंह को आवेदन सौंपकर सख्त धाराओं में एफआईआर की मांग की है।
पीड़ित पंकज पिता राधेश्याम (21) निवासी खजूरी चौपड़ा के अनुसार घटना 7 दिसंबर दोपहर करीब 1 बजे की है। वह डॉक बंगले के पास स्थित अपने मौसी के बेटे मनोज की दुकान पर गल्ले पर बैठा था। इसी दौरान जयश पिता दिलीप जैन, रक्षित पिता त्रिलोक जैन और निखिल पिता रमण जैन दुकान में घुस आए और उसके भाई गोविंद से पुराने विवाद को लेकर गाली-गलौज और धमकियाँ देने लगे। आरोप है कि तीनों ने पंकज को गल्ले से खींचकर बाहर घसीटा, लात-घूंसों और डंडों से बेरहमी से पीटा, टेबल पर सिर दे मारा और उसके कपड़े तक फाड़ दिए। इसी बीच हमलावर गल्ले में रखे 10 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। बीच-बचाव करने आए कर्मचारी से भी मारपीट की गई।
पीड़ित का आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस के सामने भी आरोपी नहीं रुके. बाद में पुलिस पीड़ित को थाने ले गई और आरोपियों को छोड़ दिया।
पंकज ने बताया कि थाने में भी उसकी पूरी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और गंभीर आरोपों के बावजूद केवल एनसीआर दर्ज मामले को नजर अंदाज किया गया, जबकि मामला दुकान में घुसकर हमला, लूट, धमकी और तोड़फोड़ जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ा है।
पीड़ित ने एसपी को दिए आवेदन में कहा कि आरोपी लगातार धमकी दे रहे हैं कि अगर दुकान खोली तो जान से मार देंगे। उसने घटना के सीसीटीवी फुटेज और फोटो भी आवेदन के साथ साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए। अब पीड़ित प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों पर कठोर धाराओं में प्रकरण दर्ज करने और दंडात्मक कार्रवाई की मांग कर रहा है।
घटना के बाद व्यापारियों में भी रोष व्याप्त है।
सुसनेर में दिनदहाड़े दुकान में घुसकर युवकों ने मचाया तांडव- बदले की भावना से व्यापारी से मारपीट कर लुटे 10 हजार रुपए, पुलिस पर लगे पक्षपात के आरोप..

