आगर मालवा- भाजपा की अंदरूनी कलह अब खुलकर सतह पर आ गई है। शनिवार को ग्राम भ्याना में पुलिया निर्माण के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान विधायक मधु गेहलोत और जनपद अध्यक्ष धरमकुंवर भांचाखेड़ा के बीच तनाव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को दो खेमों में बांट दिया। कार्यक्रम में नारेबाजी, विरोध और झूमाझटकी तक की नौबत आ गई। करीब 24 लाख रुपये की लागत से बनने वाली पुलिया के भूमिपूजन के लिए पहुंचे विधायक मधु गेहलोत का जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह और उनके करीब 50 समर्थकों ने तीखा विरोध किया। मौके पर “विधायक मुर्दाबाद” के नारे गूंज उठे। माहौल बिगड़ता देख प्रशासन हरकत में आया और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। सूचना मिलते ही एएसपी रविंद्र बोयट, सीएसपी मोतीलाल कुशवाह, एसडीएम मिलिंद ढोके सहित आगर-कानड़ थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं की विधायक से झूमाझटकी भी हुई। पुलिस ने उन्हें समझाइश देकर पीछे हटाया और स्थिति पर नियंत्रण पाया। तनाव कम होने के बाद विधायक मधु गेहलोत ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि भेरूसिंह यादव, बाबूलाल यादव, प्रेम यादव सहित अन्य भाजपा नेताओं के साथ शमशान तक जाने वाली पुलिया का भूमिपूजन किया और वहां से रवाना हो गए।
वहीं दूसरी ओर, जनपद अध्यक्ष धरमकुंवर बांचाखेड़ा ने विधायक पर उपेक्षा और तिरस्कार का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा की मुझे भूमिपूजन की सूचना तक नहीं दी गई। बाद में जब जानकारी मिलने पर मैं मौके पर पहुंची, तो मुझे पूजन करने से रोक दिया गया। मैं जनपद अध्यक्ष हूँ, फिर भी मुझे लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। तीन-चार कार्यक्रम निकल गए, लेकिन कभी आमंत्रित नहीं किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भाजपा से जुड़ी हुई हैं, परंतु पार्टी के अंदर नेतृत्व स्तर पर हो रही उपेक्षा और गुटबाजी से वे बेहद नाराज़ हैं।
वही जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह ने कहां की विधायक मधु गेहलोत हर बार हमें और जनपद अध्यक्ष को दरकिनार करते हैं। पार्टी के भीतर इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है। विधायक हमें अध्यक्ष पद से हटाने की धमकी देते हैं हम जिलाध्यक्ष के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को पूरी घटना से अवगत कराएँगे। जरूरत पड़ी तो हम सामूहिक इस्तीफा देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
वही इस मामले मे विधायक मधु गेहलोत ने कहां की यहां पुलिया का भूमिपूजन करने आये हैं कोई विवाद नहीं हुवा हैं भाजपा पार्टी एक परिवार हैं और हम सब परिवार के सदस्य हैं.
भ्याना में हुए इस घटनाक्रम ने जिले की राजनीति को झकझोर दिया है। गुटबाजी के खुले प्रदर्शन ने भाजपा संगठन के भीतर मचे असंतोष और मतभेदों की पोल खोल दी है, जिससे पार्टी के अंदर हलचल तेज हो गई है।

