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RTI मे बड़ा खुलासा! रामकृष्ण हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग पर चल सकता है बुलडोज़र, 3 अलग-अलग भूखंडों पर MOS नियमों को रौंदकर खड़ा किया गया हॉस्पिटल

अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- शहर में लंबे समय से विवादों में घिरा रामकृष्ण हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर एक बार फिर गंभीर कार्रवाई के घेरे में आ गया है। हॉस्पिटल की जिस बिल्डिंग में संचालन हो रहा है, उसके निर्माण को लेकर RTI से मिली जानकारी ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। दस्तावेजों के अनुसार यह हॉस्पिटल तीन अलग-अलग भूखंडों पर बनी इमारतों में संचालित है, लेकिन तीनों ही भूखंडों पर MOS (Minimum Open Space) नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे अब इस बिल्डिंग पर बुलडोज़र कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
RTI के तहत CMHO कार्यालय से प्राप्त जानकारी में स्पष्ट हुआ है कि नगर पालिका द्वारा जारी भवन निर्माण अनुज्ञा पत्र में निर्माण के दौरान MOS नियमों का पालन करना अनिवार्य बताया गया था। नियमों के अनुसार भवन के सामने की ओर 3 मीटर, पीछे की ओर 1.5 मीटर तथा साइड में 1.5 मीटर खुली जगह छोड़ी जाना जरूरी था। यह खुली जगह आपात स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने, फायर ब्रिगेड व एम्बुलेंस की निर्बाध आवाजाही, तथा आग या अन्य दुर्घटनाओं में जनहानि से बचाव के लिए आवश्यक होती है। इसके बावजूद आरोप है कि निर्माण के समय इन नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया और बिना निर्धारित खुली जगह छोड़े भवन खड़ा कर दिया गया।
जानकारों का कहना है कि MOS नियमों का पालन नहीं होने की स्थिति में भवन स्वतः ही अवैध माना जाता है, इसके बावजूद रामकृष्ण हॉस्पिटल में बेखौफ होकर इलाज का कार्य जारी रखा गया। मामले की शिकायत जब कलेक्टर कार्यालय तक पहुँची, तब जाकर नगर पालिका प्रशासन सक्रिय हुआ। इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी कुशल सिंह डोडवे ने कहा कि सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है और यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में यह साबित होता है कि हॉस्पिटल भवन के निर्माण में MOS नियमों की अनदेखी की गई है, तो केवल भवन पर ही नहीं बल्कि हॉस्पिटल के लाइसेंस पर भी गाज गिर सकती है। उल्लेखनीय है कि यह हॉस्पिटल और यहां कार्यरत डॉक्टर पहले भी कई बार विवादों में रह चुके हैं। हॉस्पिटल में कार्यरत डॉ. संजय जामलिया पर पूर्व में गलत ऑपरेशन के गंभीर आरोप लग चुके हैं। दमदम निवासी प्रकाश कुम्भकार ने आरोप लगाया था कि उनके 8 वर्षीय पुत्र का गलत ऑपरेशन कर दिया गया, जिससे उसका भविष्य हमेशा के लिए प्रभावित हो गया। यह मामला अब उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल तक पहुँच चुका है, जहां पीड़ित को न्याय और संबंधित डॉक्टर पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। अब यह देखना अहम होगा कि RTI से सामने आए इस बड़े खुलासे के बाद प्रशासन कितनी सख्ती दिखाता है और क्या मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वास्तव में अवैध हॉस्पिटल बिल्डिंग पर बुलडोज़र चलता है, या फिर मामला केवल जांच तक ही सीमित रह जाता है।

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