आगर मालवा- जिला मुख्यालय स्थित रामकृष्णा हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के डॉक्टर संजय जामलिया पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। ग्राम दमदम निवासी प्रकाश कुम्भकार ने आरोप लगाया है कि उनके आठ वर्षीय बेटे के पैर के फ्रैक्चर ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की गलती ने बच्चे का भविष्य अंधकार में धकेल दिया।
प्रकाश का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने मूत्र मार्ग में जो नली डाली थी, उस पर लगातार 20 दिन तक ध्यान नहीं दिया, और जब बाद में नली निकाली गई तो गलत तरीके से निकालने के कारण मूत्र मार्ग में गंभीर संक्रमण हो गया। इन्फेक्शन इतना बढ़ गया कि अब बच्चे का मूत्र मार्ग पूरी तरह चोक हो गया है।
प्रकाश ने उज्जैन और इंदौर के निजी अस्पतालों में जांच करवाई, जहां चिकित्सकों ने बताया कि लापरवाही के कारण उसका बेटा भविष्य में कभी पिता नहीं बन पाएगा। यह सुनकर पिता के पैरों तले ज़मीन खिसक गई।
प्रकाश कुम्भकार ने बीते एक वर्ष से लगातार न्याय की गुहार लगा रहा हैं । उन्होंने कलेक्टर की जनसुनवाई, उज्जैन क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य विभाग, कोतवाली थाना और एसपी कार्यालय तक शिकायत पहुंचाई, पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक जांच कमेटी बनाई गई, मगर कई महीनों के बाद भी रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
निराश होकर प्रकाश ने हाल ही में सीधे कलेक्टर प्रीति यादव से मुलाकात कर न्याय की अपील की, जहां उन्हें न्याय की उम्मीद की किरण दिखी।
जांच अधिकारी डॉ. अजय दिवाकर ने बताया कि “मामले की फाइल मेरे पास आई है, पूरी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।”
वहीं हॉस्पिटल के मैनेजर भास्कर सोलंकी ने कहा, “हमारी ओर से सभी आवश्यक दस्तावेज जांच अधिकारी को सौंप दिए गए हैं।”
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या मासूम को मिलेगा इंसाफ या फाइलों के ढेर में दब जाएगी एक और लापरवाही की कहानी?

