अरविंद दुगारिया, आगर-मालवा- बड़ौद तहसील के तीन गांव गड़ी, गंगापुर ऊपर का खेड़ा और पिपल्या चाचा के किसान इन दिनों पानी के लिए तड़प रहे हैं, जबकि जिस डैम से नहरों को पानी मिलना चाहिए, वह डैम 70 प्रतिशत तक लबालब भरा है। नहर में पानी नहीं पहुंचने से नाराज़ ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पर धरना दे दिया, जिससे कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि रणायरा केलवा तालाब के स्लूस गेट में कुछ लोगों ने जानबूझकर क्रांकिट, मलबा, कुत्ते का शव, कीटनाशक और गंदगी भर दी, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई। इसका सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है, खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच चुकी हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि वे इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार पुलिस और जल संसाधन विभाग को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर वे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और लिखित आवेदन सौंपकर साफ चेतावनी दी कि समय पर समाधान नहीं हुआ तो उग्र प्रदर्शन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
उधर, अधिकारियो ने मामले की गंभीरता समझते हुए स्लूस गेट को तुरंत खोलने और नहर की जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए, साथ ही दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया।
जल संसाधन विभाग के एसडीओ प्रलेश बम्हनिया ने स्थिति की भयावहता बताते हुए कहा की डेम 70% भरा है, लेकिन नहर गेट पर 20 फीट तक मलबा भरा गया है। 6 फीट खुदाई कर चुके हैं, अब हार्ड मटेरियल आ चुका है। ब्लास्ट करेंगे तो डैम को नुकसान का खतरा है। हमारी प्राथमिकता हरे एक किसान के खेत तक पानी पंहुचे.

