अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- शहर के रातड़िया तालाब क्षेत्र में गुरुवार को हुई एक मामूली बाइक टक्कर देखते-ही-देखते बड़े विवाद में बदल गई। इस घटना में बुजुर्ग कालूसिंह और उसके साथ मौजूद एक बालिका के साथ मारपीट किए जाने तथा उनसे कथित तौर पर 10 हजार रुपये की मांग किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो युवकों और दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है।
घटना की जानकारी फैलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और भाजपा नेता बड़ी संख्या में कोतवाली थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इसी दौरान शुक्रवार को बाजार क्षेत्र में पुलिस द्वारा आरोपियों को पैदल ले जाते हुए वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसके बाद शहर में आरोपियों का जुलूस निकाले जाने की चर्चाएं तेज हो गईं।
इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए एडिशनल एसपी रविन्द्र कुमार बोयट ने कहा कि आरोपियों का कोई जुलूस नहीं निकाला गया है। उन्होंने बताया कि मेडिकल परीक्षण के बाद आरोपियों को न्यायालय ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में पुलिस वाहन खराब हो गया। वैकल्पिक वाहन आने तक आरोपियों को पैदल ही जिला न्यायालय तक ले जाया गया, जिसे गलत तरीके से जुलूस के रूप में प्रचारित किया गया।
एडिशनल एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता रही। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और शहर में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

