अरविन्द दुगारिया, आगर मालवा ज़िले में गौशालाओं की संख्या और व्यवस्थाओं के बावजूद सड़कों पर लावारिस गोवंश का जमावड़ा कम नहीं हो रहा है। जगह जगह हाइवे पर बड़ी संख्या में गौवंश के जमावड़े के कारण हादसे हो रहे है, जिनमे वाहन चालको के साथ साथ गोवंश भी हादसे का शिकार हो रहे है।- तस्वीरों में दिखाई दे रहा गोवंश का झुंड किसी गौशाला का नहीं बल्कि आगर मालवा जिले के इंदौर कोटा नेशनल हाइवे पर ग्राम आमला में जमा गौवंश का है, जिले में सड़कों पर इसी तरह के झुंडों की तस्वीरें दिखाई देना आम बात है। आगर मालवा ज़िला प्रशासन के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जिले में इस समय करीब 23 हज़ार 500 से ज़्यादा गोवंश पंजीकृत हैं। इनके लिए एक गौ अभ्यारण, 16 निजी और 123 गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है। बावजूद इसके, हाईवे और शहर की मुख्य सड़कों पर गोवंश के झुंड खुलेआम घूमते दिखाई देते हैं। कहीं सड़क पर बैठने से जाम लग जाता है तो कहीं अचानक मवेशियों के बीच आ जाने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
खासकर रात के समय हाईवे पर दौड़ते वाहन और बीच सड़क पर बैठे मवेशी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रहे हैं। वाहन चालक भी इससे खासे परेशान हैं
कुल मिलाकर सवाल यही उठता है कि जिले में गोशालाओं और गौ अभ्यारण में व्यवस्था मौजूद है, तो फिर सड़कों पर आवारा मवेशियों की भरमार क्यों? प्रशासन और जिम्मेदार विभाग कब उठाएंगे ठोस कदम?

