पुरानी रंजिश का खूनी अंत! युवक का अपहरण कर बेरहमी से पीट-पीटकर की हत्या, 8 आरोपियों को उम्रकैद

अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- करीब दो साल पहले पुरानी रंजिश में हुए चर्चित कृष्णपाल हत्याकांड में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी 8 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मधुसूदन जंघेल ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। शासन की ओर से मामले की प्रभावी पैरवी अपर लोक अभियोजक अशोक गवली ने की। घटना 4 मई 2024 की रात की है। फरियादी फरमान पिता मुबारिक खां, निवासी अर्जुन नगर, आगर ने पुलिस को बताया था कि वह अपने दोस्तों कृष्णपाल, आयुष शर्मा और संदीप ठाकुर के साथ जयश्री अस्पताल के पीछे अर्जुन नगर कॉलोनी मैदान में बैठा हुआ था। तभी दो कारों में सवार होकर धारा सिंह, बने सिंह, दिनेश और राहुल मौके पर पहुंचे और कृष्णपाल पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। फरमान ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसके साथ धक्का-मुक्की कर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी कृष्णपाल को जबरन स्विफ्ट कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। घटना के बाद फरमान ने अपने दोस्त अजय को फोन कर पूरी जानकारी दी। आरोपियों ने उन्हें पहले बड़ा तालाब, फिर रातड़िया तालाब और अंत में मालीखेड़ी रोड स्थित नाग मंदिर के पास बुलाया। कुछ देर बाद नाग मंदिर के समीप कृष्णपाल गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा मिला। उसके शरीर पर लाठी-डंडों से मारपीट के कई निशान थे. परिजन और दोस्त उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए उज्जैन रेफर कर दिया। लेकिन एंबुलेंस से उज्जैन ले जाते समय पालखेड़ी के पास ही कृष्णपाल ने दम तोड़ दिया। बाद में जिला अस्पताल आगर में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के अगले दिन 5 मई 2024 को पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, अपहरण, धमकी और साझा आपराधिक मंशा सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। तत्कालीन थाना प्रभारी अनिल कुमार मालवीय ने मामले की विवेचना की। जांच के दौरान पारस, दरबार, मेहरबान और दशरथ की संलिप्तता भी सामने आई, जिसके बाद कुल 8 आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश किया गया। लंबी सुनवाई के बाद 24 जुलाई 2026 को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मधुसूदन जंघेल ने सभी आठों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ करीब दो वर्ष पुराने चर्चित हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुई।

You cannot copy content of this page