आगर मालवा– उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार द्वारा राजा राममोहन राय को “अंग्रेज़ों का दलाल” कहने वाले विवादित बयान पर भले ही बाद में माफी मांग ली गई हो, लेकिन मामला अब थमने का नाम नहीं ले रहा। बयान पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा कि “मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा राजा राममोहन राय जैसे महान समाज सुधारक को ‘अंग्रेज़ों का दलाल’ कहना सिर्फ अज्ञान नहीं, बल्कि देश के महान नायकों का घोर अपमान और बौद्धिक दिवालियापन है।”
उन्होंने आगे लिखा कि भाजपा–RSS की पुरानी रणनीति रही है कि अपनी विचारधारा के अनुकूल लोगों को इतिहास के केंद्र में लाया जाए और वास्तविक राष्ट्रनिर्माताओं को बदनाम किया जाए।
सिंघार ने सवाल उठाते हुए कहा जनता के आक्रोश के बाद मंत्रीजी ने माफी तो मांग ली, लेकिन क्या सांप्रदायिक मानसिकता एक माफी से बदल जाती है?
क्या इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने वाली सोच किसी मंत्री के पद पर रहते हुए स्वीकार्य है?”
उन्होंने कहा कि जब कोई मंत्री अपने पद पर रहते हुए ऐसे गैरजिम्मेदार, विभाजनकारी और शर्मनाक बयान देता है, तो यह केवल उसकी व्यक्तिगत सोच नहीं, बल्कि पूरी सरकार के चरित्र और दिशा का आईना होता है।
अंत में सिंघार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी ऐसे अपमान, ऐसी मानसिकता और इतिहास-विद्वेष को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगी।

