अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में आधुनिक भारत के जनक और प्रसिद्ध समाज सुधारक राजा राममोहन राय पर दिए गए विवादित बयान के बाद तीखी आलोचना झेल रहे कैबिनेट मंत्री इंदरसिंह परमार अब बैकफुट पर आ गए हैं। बयान के बढ़ते विरोध और सोशल मीडिया पर मचे हंगामे के बीच मंत्री परमार ने एक वीडियो जारी कर सार्वजनिक माफ़ी मांगी है।
मंत्री परमार ने वीडियो में कहा की मैं अंग्रेजों के षड्यंत्र के बारे में बात कर रहा था, लेकिन गलती से मेरे मुंह से राजा राममोहन राय के लिए गलत शब्द निकल गए। वह प्रसिद्ध समाज सुधारक थे। मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूँ और क्षमा मांगता हूँ। मुझे इसका प्रायश्चित है।
गौरतलब है कि शनिवार को बिरसा मुंडा जयंती समारोह के मंच से मंत्री परमार ने कहा था कि हमें शिक्षा में वही पढ़ाया गया जो जरूरी नहीं था। असली वीरों के बारे में हमें पढ़ाया नहीं गया।
राजा राममोहन राय अंग्रेजों के दलाल थे। देश में कई फर्जी समाज सुधारक खड़े किए गए, उनमें से एक राजा राममोहन राय भी थे।
उनके इस बयान ने तुरंत राजनीतिक माहौल गरमा दिया। समाज सुधारकों, बुद्धिजीवियों और कई राजनीतिक दलों ने इसे इतिहास का तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जाना बताया। सोशल मीडिया पर भी परमार की जमकर आलोचना हुई।
इस पूरे विवाद की खबर ‘Telegram Times’ ने सबसे पहले उजागर की थी, जिसके बाद मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि परमार ने अब माफ़ी मांग ली है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर जारी बहस अभी थमी नहीं है।
विवादित बयान पर बैकफुट पर आए मंत्री इंदर सिंह परमार! राजा राममोहन राय को ‘अंग्रेजों का दलाल’ कहने पर मांगी माफ़ी, कहा- मुझसे गलती हुई..

