आगर मालवा- आबा बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर गाँधी उपवन स्थित कम्युनिटी हाल मे एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री इंदर सिंह परमार ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुवे आबा बिरसा मुंडा के जीवन पर प्रकाश डाला. यहाँ उन्होंने आधुनिक भारत के जनक कहे जाने राजा राममोहन राय के बारे मे विवादित भाषण दे दिया उन्होंने कहां की हमें शिक्षा मे वही पढ़ाया गया जो जरुरी नहीं था देश को आजादी दिलाने वाले सच्चे वीरों के बारे मे हमें कभी नहीं पढ़ाया गया. परमार ने कहां की राजा राम मोहन राय अंग्रेजो के दलाल थे. देश के कई लोगो को फर्जी समाज सुधारक बना रखा था उनमे से राजा राममोहन राय भी एक थे वो इस देश मे अंग्रेजो के दलाल के रूप मे काम करते थे और उन्होंने धर्मान्तरण का जो चक्र चलाया था उसको रोकने का जो साहस अगर किसी ने किया था और आदिवासी समाज को बचाने का काम जिसने किया था तो वो बिरसा मुंडा ने किया हैं.
उन्होंने आगे कहां की बिरसा मुंडा शिक्षा ग्रहण करना चाहते थे लेकिन उस समय केवल अंग्रेजो के मिशनरी स्कूल चलते थे ऐसे मे बिरसा मुंडा को शिक्षा ग्रहण करने के लिए परिवार सहित धर्म परिवर्तन करना पड़ा लेकिन वहा शिक्षा ग्रहण करने के दौरान उन्हें यह दिखाई दिया की अंग्रेज शिक्षा की आड़ मे धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं. बिरसा मुंडा ने वह मिशनरी स्कूल छोड़ अपनी समाज सेवा और अंग्रेजो को खत्म करने के अपने कार्य मे लग गए. वो अंग्रेज अफसरों को मारने का काम करते थे और और अपने लोगो को देश की आजादी दिलाने के लिए प्रोत्साहित करते थे वे मरते दम तक अंग्रेजो से लड़ते रहे और आदिवासी समाज को धर्मान्तरण से रोकने का कार्य किया. हमारी पूर्व सरकारों ने कभी भी हमारे आदिवासी महापुरुषों के नाम को आगे आने नहीं दिया. 2025 को तीन कामो के लिए याद किया जायेगा. एक तो बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, सरदार वल्ल्भ भाई पटेल की 150वीं और एक वन्दे मातरम को लेकर याद किया जायेगा. वनो का संरक्षण करने करने का सबसे बड़ा योगदान हैं तो वह आदिवासी समाज का हैं. कार्यक्रम को विधायक मधु गेहलोत, भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय ने भी सम्बोधित किया. इस अवसर पर कलेक्टर प्रीति यादव, एसपी विनोद कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष पंचायत अध्यक्ष मुन्ना बाई, नगर मंडल अध्यक्ष भरत प्रजापति, मयंक राजपूत, अजय जैन सहित अन्य मौजूद थे.

