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उपचुनाव के पहले ही दिन सियासी भूचाल! पूर्व विधायक राणा विक्रमसिंह के वायरल वीडियो से भाजपा में मची खलबली, वार्ड-1 बना हाई-वोल्टेज रणभूमि

अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- सुसनेर जिला पंचायत वार्ड क्रमांक-1 के उपचुनाव को लेकर शुक्रवार से सुसनेर क्षेत्र में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। प्रचार-प्रसार की औपचारिक शुरुआत के साथ ही प्रत्याशियों ने गांव-गांव जनसंपर्क तेज कर दिया है। इसी बीच भाजपा के एक पूर्व विधायक का बयान सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सियासत में भूचाल आ गया है, जिससे उपचुनाव पहले ही दिन हाई-वोल्टेज हो गया।
इस उपचुनाव में कुल चार प्रत्याशी मैदान में हैं। कांग्रेस की ओर से ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश पाटीदार चुनावी ताल ठोक रहे हैं, जबकि भाजपा की तरफ से पूर्व जिला उपाध्यक्ष कालू सिंह सिसोदिया, सोयत भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहनसिंह की पत्नी मथुराबाई तथा एक अन्य प्रत्याशी चुनावी मुकाबले में हैं।
शुक्रवार को भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष कालू सिंह सिसोदिया ने ढोलाखेड़ी स्थित बालाजी मंदिर परिसर में बैठक आयोजित कर अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत की। इस बैठक में मंचासीन पूर्व विधायक राणा विक्रम सिंह ने भाषण के दौरान अपनी ही पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सोयतकला पर तीखा हमला बोला। बैठक के दौरान दिए गए इस बयान का वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड कर लिया गया, जो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होते ही भाजपा संगठन की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे पार्टी के भीतर लंबे समय से चली आ रही नाराजगी का परिणाम बता रहे हैं, तो कुछ इसे उपचुनाव से जुड़ी सोची-समझी राजनीतिक रणनीति मान रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहनसिंह ने पिपलिया बालाजी मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपनी पत्नी मथुराबाई के समर्थन में चुनाव प्रचार का आगाज किया। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चिंतामन राठौर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
उपचुनाव के पहले ही दिन सामने आए विवादित बयान और वायरल वीडियो ने वार्ड क्रमांक-1 का चुनाव बेहद रोचक और चर्चित बना दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी और पार्टी के भीतर की कलह का सीधा असर मतदाताओं पर पड़ सकता है। हालांकि पूरे मामले को लेकर भाजपा संगठन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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