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हाईकोर्ट केस बना बाधा! नामांकन निरस्त होते ही भड़के भाजपा नेता, SDM कार्यालय के बाहर दिया धरना, प्रशासन से लिखित जवाब की मांग..

अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- सुसनेर में जिला पंचायत सदस्य चुनाव को लेकर उस वक्त सियासी माहौल गरमा गया, जब वार्ड क्रमांक 1 से भाजपा नेता का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। नामांकन निरस्त होने से नाराज भाजपा सोयत मंडल के पूर्व अध्यक्ष एवं वार्ड क्रमांक 1 से संभावित प्रत्याशी मोहनसिंह पिता बापूसिंह ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुसनेर के वार्ड क्रमांक 1 में जिला पंचायत सदस्य पद के लिए आगामी दिनों में चुनाव होने हैं। इसके लिए कई प्रत्याशियों ने अपने-अपने नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम सुसनेर के समक्ष प्रस्तुत किए थे। नामांकन पत्रों की जांच की अंतिम तिथि 16 दिसंबर निर्धारित थी। इसी दौरान जांच में मोहनसिंह का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया।
नामांकन निरस्त होने की सूचना मिलते ही मोहनसिंह भड़क उठे और एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका फार्म किन ठोस कारणों से निरस्त किया गया, इसकी लिखित जानकारी उन्हें नहीं दी जा रही है। मोहनसिंह का कहना है कि यदि उन्हें नामांकन निरस्तीकरण का कारण लिखित रूप में उपलब्ध कराया जाता है, तो वे न्यायालय की शरण लेकर अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।
धरने के दौरान मोहनसिंह ने प्रशासन पर पारदर्शिता न बरतने के आरोप लगाए और कहा कि उन्हें जानबूझकर चुनाव से बाहर करने की साजिश रची जा रही है। वहीं धरने की खबर फैलते ही राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मच गई।


इधर, इस पूरे मामले पर जब एसडीएम सर्वेश यादव से चर्चा की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांकन पत्रों की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित प्रत्याशी के विरुद्ध हाईकोर्ट में एक प्रकरण प्रचलित है। इसी कारण वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा एवं मार्गदर्शन के बाद नामांकन निरस्त करने का निर्णय लिया गया। एसडीएम ने यह भी कहा कि वर्तमान में आदर्श आचार संहिता लागू है, ऐसे में मोहनसिंह द्वारा एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देना नियमों के विरुद्ध और अवैधानिक है। प्रशासन ने इसे अनुचित बताते हुए स्पष्ट किया कि सभी कार्रवाई नियमानुसार की गई है।

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