आगर मालवा- जिले में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया को लेकर बीएलओ लगातार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर नेटवर्क और मैपिंग से जुड़ी परेशानियां सामने आ रही थीं। इन समस्याओं को दूर करने और प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से निर्वाचन कार्यालय ने अब मतदान केंद्रों की संख्या के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर विशेष सेंटर स्थापित किए हैं, जहां बीएलओ फील्ड से फॉर्म भरकर देने के बाद इनका ऑनलाइन डिजिटाइजेशन किया जा रहा है।
उपनिर्वाचन अधिकारी नंदा भलावे कुशरे ने बताया कि कई जगह बीएलओ को नेटवर्क की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा था, जिसके कारण फॉर्म ऑनलाइन अपलोड करने में दिक्कत आ रही थी। इसी वजह से जिले में कई स्थानों पर विशेष सेंटर बनाकर कर्मचारियों की अलग-अलग शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। इन सेंटरों पर सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक पहली पारी और दोपहर 3 बजे से रात 11 बजे तक दूसरी पारी में कार्य किया जा रहा है, जिससे काम की गति में 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कई क्षेत्रों से मतदाताओं की गलत स्थानों पर मैपिंग होने की शिकायतें भी सामने आ रही थीं। इस पर कुशरे ने बताया कि जहां किसी मतदाता का नाम किसी अन्य मतदान केंद्र पर मैप हो गया है, वहां ERO के लॉगिन पेज पर जाने पर उसे अनमैप कर दिया जाएगा। इसके बाद संबंधित बीएलओ उस बीएलओ को सूचित करेगा, जहां मतदाता की गलत मैपिंग हुई थी, और वहां से भी उसे अनमैप करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद मतदाता अपने सही मतदान केंद्र पर जाकर अपना फॉर्म पुनः मैप करवा सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं के माता-पिता या दादा-दादी का नाम वर्ष 2003 की सूची में शामिल नहीं है, वे दावा-आपत्ति के समय आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसी तरह अनाथ (Orphan) वोटरों और वृद्धाश्रम जैसी संस्थाओं में रह रहे लोगों के लिए भी नाम जुड़वाने की पूरी व्यवस्था की गई है। निर्वाचन कार्यालय की ओर से यह भी बताया गया कि जिन मतदाताओं के फॉर्म पहले ही ऑनलाइन सबमिट हो चुके हैं, उन्हें दोबारा ऑफलाइन फॉर्म भरने की कोई आवश्यकता नहीं है।
निर्वाचन कार्यालय द्वारा की गई यह व्यवस्था SIR प्रक्रिया को न केवल तेज कर रही है, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।

