घाटाखेड़ी NDPS कार्रवाई पर घिरती आगर कोतवाली! झालावाड़ ASP भागचन्द्र मीणा की जांच में चौंकाने वाले खुलासे

अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- इसी साल 28 जनवरी को आगर कोतवाली पुलिस द्वारा भारी पुलिस बल के साथ राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घाटाखेड़ी में दबिश देकर ड्रग फैक्ट्री पकड़ने का दावा किया गया था। कोतवाली पुलिस द्वारा की गई इस NDPS कार्रवाई अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है? अब इस पूरे प्रकरण में पुलिस कार्रवाई, जब्ती, गिरफ्तारी और प्रेसवार्ता में किए गए दावों को लेकर कई विरोधाभास उजागर हुए हैं, जिससे कार्रवाई की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लगने लगे हैं। दरअसल, आगर कोतवाली पुलिस के अनुसार सुसनेर निवासी फैजान को एमडी ड्रग के साथ पकड़ा था, फैजान के मेमो के आधार पर कोतवाली पुलिस 27 जनवरी की रात 11.59 पर आगर से रवाना हुई और 28 की सुबह 3 बजे राजस्थान के घाटाखेड़ी पहुंची और इस मामले में वांछित आरोपी ताहिर, शाहीर और मुनव्वर उर्फ राजा को तलाश किया, पुलिस ने शाहीर और मुनव्वर को पकड़ा और इनके पास से बड़ी मात्रा में ड्रग बनाने का सामान और ड्रग्स पकड़ने का दावा किया, हालांकि ताहिर उस समय पुलिस के हाथ नहीं लगा। कोतवाली पुलिस ने सुबह 4.40 पर शाहीर और 4.45 पर मुनव्वर को गिरफ्तार करना बताया साथ ही 5.40 पर इनसे भारी मात्रा में ड्रग्स और ड्रग्स बनाने का सामान जब्त करना बताया। इसके बाद गिरफ्तार आरोपियों के पिता हामिद खान ने राजस्थान के चौमहला न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया और दावा किया कि एमपी पुलिस ताहिर को ढूंढते हुए बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दिए घाटाखेड़ी आई और हमारे घर में घुसी और तोड़फोड़ की वहां मौजूद उनके बेटे यानि ताहिर के पिता शाहीर खान को अपने साथ ले जाने लगी जब उनके दूसरे बेटे मुनव्वर ने इसका विरोध किया तो उसे भी पकड़ लिया साथ ही परिजनों के मोबाइल भी ले लिए और 10 लाख रुपए और ताहिर के बदले दोनों को छोड़ने की बात कही। हमीद खान का कहना है कि पुलिस की डिमांड पूरी नहीं होने पर दोनों को जबरन ड्रग्स के मामले में फंसा दिया। परिवाद के आधार पर चोमेहला न्यायालय ने झालावाड़ पुलिस अधीक्षक को इसकी वितृत जांच करने का आदेश दिया। एसपी झालावाड़ द्वारा मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद्र मीणा को सौंपी गई। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने आगर कोतवाली पुलिस की कार्रवाई पर संदेह खड़ा कर दिया। बताया जा रहा है कि तत्कालीन आगर एसपी विनोद कुमार सिंह ने 28 जनवरी को आयोजित प्रेसवार्ता में दावा किया था कि घाटाखेड़ी में दबिश के दौरान मौके से ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त दो ड्रम, ग्राइंडर मशीन सहित, एक भरमार बंदूक, एक एयर गन व अन्य सामग्री और ड्रग्स जब्त किया गया है, साथ ही कहा गया था कि राजस्थान पुलिस का कार्रवाई में अच्छा सहयोग रहा, वहीं प्रेसवार्ता में नियमानुसार वीडियो ग्राफी करने की बात भी कही गई। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से पुलिस द्वारा तैयार किए गए जब्ती पत्रक में कई महत्वपूर्ण सामानों का कहीं उल्लेख ही नहीं मिला। इतना ही नहीं, पुलिस द्वारा आरोपियों को पकड़ने के समय को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जांच में सामने आया कि पुलिस द्वारा बताए गए समय और मौके सहित मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज समय में अंतर पाया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि इस कार्रवाई के दौरान जब्ती गिरफ्तारी का वीडियो भी नहीं बनाया गया। इससे कार्रवाई की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर संदेह और गहरा गया है। मामले का सबसे बड़ा खुलासा राजस्थान पुलिस के सहयोग को लेकर सामने आया है, तत्कालीन एसपी विनोद कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता में स्पष्ट कहा था कि इस कार्रवाई में डग थाना पुलिस का सहयोग लिया गया था, लेकिन एएसपी भागचंद्र मीणा की जांच में यह तथ्य सामने आया कि आगर पुलिस ने कार्रवाई के दौरान डग थाना पुलिस का किसी प्रकार का सहयोग नहीं लिया था। जांच रिपोर्ट में एएसपी मीणा का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जो समय एमपी पुलिस के सभी 8 वाहन जिसमें 2 पीकअप, 1 बोलेनो और 5 बोलेरो शामिल है का घाटाखेड़ी में आने, रुकने और कार्रवाई का सामने आया है वह सुबह 4.19.24 से 4.49.35 तक का रहा है। उसके हिसाब से एनडीपीएस की कार्रवाई इतने कम समय में होना संभव नहीं है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद अब यह पूरा मामला चर्चा का विषय बन गया है। आरोपियों के पिता हामिद खान का कहना है कि उनके घर से किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ और आगर कोतवाली पुलिस ने गलत कार्रवाई करते हुए उनके पुत्रों को झूठा फंसाया है। बतादें की 10 जनवरी को सीबीएन (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स) ने कोतवाली थाना क्षेत्र के आमला से एक ड्रग फैक्ट्री पकड़ी थी, जिसके बाद कोतवाली पुलिस को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। सीबीएन की इस कार्रवाई के बाद ही कोतवाली पुलिस द्वारा फैजान को पकड़ा गया था और घाटाखेड़ी में बड़ी कार्रवाई करने का दावा किया गया था।

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