अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण और मतदाता सूचियों को लेकर कांग्रेस का विरोध बुधवार को आगर में सड़क पर नजर आया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छावनी नाका स्थित अम्बेडकर कॉम्प्लेक्स में धरना देकर प्रदर्शन की शुरुआत की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोरी’ सहित अन्य नारे लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। पुतला दहन के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर पुतले की आग बुझाने तथा प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया।
इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। रैली के दौरान SIR, मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने अपना विरोध दर्ज कराया। कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं ने डिप्टी कलेक्टर अर्पिता राय को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि निर्वाचन आयोग देश की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पर जनता का विश्वास कायम रहना आवश्यक है। कांग्रेस ने SIR तथा मतदाता सूचियों में हुए परिवर्तनों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग भी रखी।
ज्ञापन में प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा निर्वाचन आयोग की स्वायत्तता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनविश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि SIR और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर आशंकाएं सामने आ रही हैं, जिनका पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर संविधान एवं प्रचलित कानून के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने तथा मतदाता सूचियों में हुए परिवर्तनों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। आगर में धरने से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन ‘वोट चोरी’ के नारों, CEC के पुतला दहन, वाटर कैनन और कलेक्टर कार्यालय तक निकली रैली के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के साथ समाप्त हुआ।
‘वोट चोरी’ का आरोप लगाकर कांग्रेस का हल्लाबोल, आगर में CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका; राष्ट्रपति को ज्ञापन











