“कांग्रेस के विनाशकारी भेड़िये शहर का विकास रोकने में जुटे”.. गांधी उपवन की दुकानों के विरोध पर भाजपा नेता मयंक राजपूत का पलटवार

अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- शहर के गांधी उपवन की बाउंड्री से सटकर नगर पालिका द्वारा प्रस्तावित दुकानों के निर्माण को लेकर सियासत गरमा गई है। दुकानों के निर्माण का कांग्रेस द्वारा विरोध किए जाने के बाद अब भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा जिला महामंत्री एवं संबंधित वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि मयंक राजपूत ने सोशल मीडिया के माध्यम से नगर पालिका का पक्ष रखते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मयंक राजपूत ने कहा कि नगर पालिका द्वारा गांधी उपवन से लगी जगह पर दर्जनों दुकानों के निर्माण की योजना बनाई गई है। इन दुकानों के ऊपर कमरों का निर्माण भी प्रस्तावित है। वहीं दुकानों के पीछे स्थित मैदान में डोम का निर्माण किया जाएगा, जिसका उपयोग शादी समारोह सहित अन्य सामाजिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए किया जा सकेगा। राजपूत के मुताबिक, इस योजना से नगर पालिका की आय में बढ़ोतरी होगी और इस आय का उपयोग शहर के विकास कार्यों में किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के पास आय के स्थायी स्रोत बढ़ेंगे तो नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए भी संसाधन उपलब्ध होंगे। दुकानों के निर्माण का विरोध कर रही कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मयंक राजपूत ने कहा कि “कांग्रेसी भेड़िये शहर का विकास रोकने में जुटे हैं।” उनका आरोप है कि कांग्रेस विकास कार्यों का समर्थन करने के बजाय हर निर्माण कार्य में विरोध की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी योजना में शहर और नगर पालिका की आय बढ़ने की संभावना है तो उसका विरोध करने के बजाय उसमें सुधार के सुझाव दिए जाने चाहिए। राजपूत ने कहा कि गांधी उपवन से जुड़ी इस योजना का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि नगर पालिका की आय बढ़ाना और उस आय को शहर के विकास में लगाना है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि यदि दुकानों और डोम से नगर पालिका को नियमित आय होती है और उस राशि का उपयोग शहर के विकास में किया जाता है, तो फिर इस योजना का विरोध क्यों किया जा रहा है। इधर, गांधी उपवन की बाउंड्री से लगी भूमि पर दुकानों के प्रस्तावित निर्माण को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों के बाद मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया है। एक ओर भाजपा इसे नगर पालिका की आय बढ़ाने और विकास से जोड़कर देख रही है, वहीं कांग्रेस निर्माण को लेकर विरोध जता रही है। अब दोनों दलों के आमने-सामने आने से गांधी उपवन की दुकानों का मुद्दा शहर की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

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