अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- कलेक्टर डॉ. शेरसिंह मीणा द्वारा जिले के 5 परीक्षावधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद बुधवार को जिले के पटवारियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। बड़ी संख्या में पटवारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठकर कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पटवारियों ने सेवा समाप्ति के आदेश को वापस लेने और पांचों पटवारियों को पुनः सेवा में बहाल करने की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। दरअसल, मामला स्वामित्व योजना के अंतर्गत अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन से जुड़े कार्य को लेकर है। हाल ही में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में इस योजना के काम में लापरवाही, शून्य प्रगति, आदेशों की अवहेलना अथवा असहयोग के आरोपों को लेकर परिवीक्षाधीन पटवारियों पर कार्रवाई की गई है। पांच परीक्षावधीन पटवारियों की सेवा समाप्त किए जाने से पटवारी संघ नाराज है। पटवारी संघ के नितिन रघुवंशी ने कहा कि पटवारियों पर लगातार ऐसी योजनाओं का काम थोपा जा रहा है, जिनमें जमीनी स्तर पर कई व्यावहारिक कठिनाइयां हैं। उनका आरोप है कि काम को लेकर पटवारियों की समस्याओं को सुनने के बजाय सीधे सेवा समाप्ति जैसी कठोर कार्रवाई की जा रही है। पटवारियों ने कहा कि यह केवल आगर मालवा का मामला नहीं है, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी परीक्षावधीन पटवारियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई सामने आ रही है। यही वजह है कि पटवारी संघ इसे गंभीरता से लेते हुए विरोध दर्ज करा रहा है।
धरने के दौरान पटवारियों ने जिला प्रशासन पर उनकी समस्याएं नहीं सुनने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने यहां तक कहा कि जिला प्रशासन उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है और उनकी समस्याओं को लेकर गूंगा-बहरा बना बैठा है।
पटवारी संघ ने दो टूक कहा कि पांचों परीक्षावधीन पटवारियों की सेवा समाप्ति का आदेश वापस लेने और उन्हें पुनः सेवा में लेने तक आंदोलन जारी रहेगा। पटवारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
किसानों, पत्रकारो के बाद अब पटवारी संघ भड़का कलेक्टर मीणा के खिलाफ! बोले- गूंगा-बहरा बना बैठा है जिला प्रशासन, जमकर हुई नारेबाजी…











