DEO कार्यालय में ‘मर्यादा’ की उडी धज्जियां! निलंबित शिक्षक कैलाश मालवीय और कर्मचारी के बीच जमकर हुई मारपीट, दोनों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप…

अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- जिले के शिक्षा विभाग से जुड़ा DEO कार्यालय मंगलवार को उस समय विवाद का अखाड़ा बन गया, जब निलंबित शिक्षक कैलाश मालवीय और कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी अक्षय दोहरे के बीच जमकर विवाद हो गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट, गाली-गलौज और कार्यालय में तोड़फोड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला बढ़ने के बाद दोनों ही पक्ष कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस को अलग-अलग आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।
बताया जा रहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार और संबंधित वीडियो वायरल किए जाने के मामले में शिक्षक कैलाश मालवीय निलंबित चल रहे हैं। मंगलवार को कैलाश मालवीय किसी निजी कार्य से DEO कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान उनका कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी अक्षय दोहरे से विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और दोनों पक्षों की ओर से मारपीट के आरोप सामने आने लगे।
अक्षय दोहरे ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि कैलाश मालवीय उनके कक्ष में पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान कार्यालय में रखी फाइलें बिखर गईं तथा कंप्यूटर में भी तोड़फोड़ की गई। अक्षय के अनुसार स्थिति बिगड़ने पर उन्होंने किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई। वहीं कैलाश मालवीय ने अक्षय दोहरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वे अपने निजी काम से DEO कार्यालय गए थे, जहां अक्षय दोहरे ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें कमरे में बंद कर दिया। मालवीय के अनुसार उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा उनके ऊपर कंप्यूटर भी फेंका गया। कैलाश मालवीय ने यह भी आरोप लगाया कि घटनाक्रम के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी नितेश पांडे मौके पर मौजूद थे और उन्होंने विवाद को देखा। हालांकि इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना के बाद दोनों पक्ष कोतवाली थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस अब दोनों पक्षों के आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और मारपीट व तोड़फोड़ के आरोपों में कितनी सच्चाई है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और कार्यालयीन अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस कार्यालय से जिले के स्कूलों में अनुशासन, नियम और मर्यादा कायम रखने की जिम्मेदारी जुड़ी है, उसी कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारी और निलंबित शिक्षक के बीच इस तरह का विवाद सामने आना विभाग के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला है।

You cannot copy content of this page