अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगर जिला मुख्यालय पहुंचने से पहले ही कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन फ्लॉप हो गया. कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी तंवर के निवास पर जुटे कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक के विरोध में जमकर नारेबाजी की। हालांकि विरोध का यह सिलसिला ज्यादा देर नहीं चल सका और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को अपने वाहनों में बैठाकर वहां से रवाना कर दिया।
दरअसल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी तंवर सहित अन्य कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात का समय मांग रहे थे। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि मुख्यमंत्री के सामने जिले में आयोजित किए जा रहे जनविश्वास शिविरों के दौरान सामने आ रही आम जनता की समस्याओं को रखा जाना है, ताकि इन समस्याओं से मुख्यमंत्री को सीधे तौर पर अवगत कराया जा सके।
इसी बीच प्रशासन और पुलिस को कांग्रेसियों की गतिविधियों की जानकारी मिली तो पुलिस बल कांग्रेस जिलाध्यक्ष के निवास पर पहुंच गया। पुलिस के पहुंचने के बाद वहां पहले से मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री तथा विधायक के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ देर तक मौके पर राजनीतिक नारे गूंजते रहे और विरोध प्रदर्शन का माहौल बना रहा।
इसके बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद कांग्रेसियों को अपने वाहनों में बैठाया और उन्हें कानड़ की ओर ले गई। मुख्यमंत्री के आगर पहुंचने से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई के चलते कांग्रेसियों का प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन मौके पर ही सिमट गया।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले कांग्रेस द्वारा किया गया यह विरोध और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर जनता की समस्याएं उनके सामने रखना चाहते थे, जबकि पुलिस-प्रशासन की ओर से किसी अप्रिय स्थिति की आशंका को देखते हुए कांग्रेसियों को मौके से हटाया गया। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले कुछ देर के लिए गरमाया यह सियासी माहौल फिलहाल पुलिस कार्रवाई के बाद शांत हो गया.
सीएम के आने से पहले ही कांग्रेस का ‘विरोध शो’ हुआ फ्लॉप! नारे लगाते ही कांग्रेसियों को उठा ले गई पुलिस..











