नलखेड़ा से भुवनेश्वर पहुंचे 7 शव, रात में ही अंतिम विदाई! जिस घर में गूंजनी थी शहनाई, वहां उठीं अर्थियां..

अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- जिले के नलखेड़ा में हुए दर्दनाक हादसे ने ओडिशा के एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए मातम में बदल दिया। मां बगलामुखी के दर्शन के लिए मध्यप्रदेश आए परिवार के 7 सदस्य हादसे का शिकार हो गए। नलखेड़ा में तेज बहाव की चपेट में आई कार में सवार इन लोगों की मौत के बाद जब उनके शव भुवनेश्वर के जयदेव विहार स्थित आत्माराम बस्ती पहुंचे तो पूरा इलाका चीख-पुकार और मातम में डूब गया।
मध्यप्रदेश से शवों को लेकर पहुंची एंबुलेंस से जैसे ही शव उतारे गए, परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिन अपनों के सकुशल लौटने का इंतजार किया जा रहा था, उनके शव सामने देखकर परिजनों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। बस्ती में हर तरफ सिसकियां सुनाई दे रही थीं। लोगों की जुबान पर बस यही बात थी कि ऐसी दर्दनाक मौत किसी को न मिले। सभी शवों के भुवनेश्वर पहुंचने के बाद देर रात अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। पहले मृतकों को उनके पैतृक स्थान गाडकण ले जाया गया और इसके बाद पुरी के स्वर्गद्वार में उनका अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ सात लोगों की अंतिम विदाई ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।


इस हादसे का सबसे बड़ा सदमा राधाराणी की मौत से परिवार को लगा। आगामी 27 सितंबर को राधाराणी की सगाई होनी थी। घर में सगाई को लेकर तैयारियां चल रही थीं और परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन सगाई से पहले ही राधाराणी की जिंदगी खत्म हो गई। जिस घर को कुछ दिनों बाद खुशियों के लिए सजाया जाना था, उसी घर से रात में उसकी अर्थी उठी। परिजनों के अनुसार, परिवार के लोग पिता के लिए मन्नत रखकर मां बगलामुखी के दर्शन करने मध्यप्रदेश गए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि मंदिर में दर्शन के बाद घर लौटने के बजाय उन्हें अपनों के शव लेकर लौटना पड़ेगा। राधाराणी की बड़ी मां ने बताया कि घर में बेटी की सगाई की तैयारियां चल रही थीं और सभी लोग बेहद खुश थे। उन्हें उम्मीद थी कि दर्शन कर पूरा परिवार खुशी-खुशी वापस लौटेगा, लेकिन अब उसी घर में खुशियों की जगह मातम है। हादसे में शिवप्रसाद बेहरा, उनके बेटे कृष्ण राजवीर, बेटी साई स्वर्णप्रभा, राधाराणी बेहरा, ज्ञानेंद्र कुमार बेहरा, उनकी पत्नी रीताराणी और बेटे साई स्वस्तिक की मौत हुई। हादसे में कार चालक की भी जान गई।


सातों शवों के पहुंचने के बाद कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, विधायक सुशांत राउत, अनंत नारायण जेना, भाजपा नेता प्रियदर्शी मिश्रा और पुलिस कमिश्नर एस. देवदत्त सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। मध्यप्रदेश प्रशासन की ओर से पहुंचे अधिकारियों ने भी परिवार से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया से संबंधित कागजात सौंपे। दोनों राज्यों के प्रशासन के समन्वय से शवों को ओडिशा पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई। नलखेड़ा हादसे ने मध्यप्रदेश से लेकर ओडिशा तक लोगों को झकझोर दिया है। कुछ दिन पहले तक जिस परिवार में सगाई और खुशियों की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब सात अपनों की यादें और गम के आंसू रह गए हैं।

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