आगर मालवा- आगर जिले में सड़क दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ रही मौतों को रोकने के लिए अब पुलिस सतर्क हो गई हैं. स्थिति इतनी भयावह है कि पिछले एक वर्ष में 115 लोगों ने सड़क हादसों में अपनी जान गंवाई है। इसी भयावह हालात को देखते हुए पुलिस विभाग ने 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान की शुरुआत की है। गुरुवार शाम पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने एसपी कार्यालय से सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसके बाद पुलिस अधिकारी व कर्मचारी हेलमेट पहनकर दोपहिया वाहनों से रैली के रूप में शहर में निकले। रैली के दौरान जागरूकता रथ में लगाई गई एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सड़क हादसों के वास्तविक आंकड़े, हेलमेट की अनिवार्यता और तेज गति से होने वाले खतरों की जानकारी प्रसारित की गई।

अभियान के दौरान एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि 26 नवंबर से सड़क सुरक्षा को लेकर जिलेभर में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना हेलमेट, बिना इंश्योरेंस और तेज गति से वाहन चलाने की प्रवृत्ति सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह है। एसपी ने बताया कि पिछले वर्ष हुए हादसों में 80% मामले ऐसे थे जहां दोपहिया वाहन चालक या पीछे बैठा व्यक्ति हेलमेट नहीं पहने हुए था। यदि लोग सिर्फ हेलमेट का उपयोग कर लें और वाहन की गति पर नियंत्रण रखें तो इन मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है। एसपी ने कहा कि दुर्घटना के समय समय पर मदद मिलना भी बेहद जरूरी है। राहवीर योजना के तहत किसी घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले सहायक व्यक्ति को सरकार द्वारा 25 हजार रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा हिट एंड रन मामलों में मौत होने पर पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि यह अभियान सिर्फ पुलिस का नहीं बल्कि हर नागरिक का है, क्योंकि सड़क सुरक्षा का संबंध सीधे जीवन से है। अभियान के जरिये पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि तेज गति से चलाने की बजाय सुरक्षित चलाएं, हेलमेट पहनें और अपनी जान तथा परिवार की खुशियों को सुरक्षित रखें। लोगों से अपील की गई कि दोपहिया वाहन चलाने वाले और पीछे बैठने वाले दोनों हेलमेट अवश्य पहनें, वरना लापरवाही पल भर में जिंदगी छीन सकती है।











