अरविंद दुगारिया, आगर मालवा- जिला मुख्यालय पर चोरी की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की रात्रि गश्त प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुराने आबकारी कार्यालय के समीप स्थित शासकीय क्वार्टर में रहने वाले कर्मचारी महेंद्र जैन के घर चोरों ने सुनियोजित तरीके से धावा बोलते हुए लाखों रुपये की नगदी और जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। शहर के बीचों-बीच स्थित सरकारी आवास में हुई इस वारदात ने पुलिस की लचर कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार महेंद्र जैन अपने परिवार के साथ शुक्रवार को बड़ौद में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए हुए थे। दो दिन बाद रविवार को जब वे वापस अपने शासकीय क्वार्टर पहुंचे तो घर का मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। यह देखकर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद वे मकान के पीछे के हिस्से में पहुंचे, जहां दरवाजे का नकुचा टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखा तो कमरे का दरवाजा भी टूटा हुआ था और घर का सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी की जांच करने पर पता चला कि उसमें रखी करीब 3 लाख रुपये की नगदी और सोने-चांदी के जेवरात गायब थे। महेंद्र जैन के अनुसार यह नगदी किसी को देने के लिए सुरक्षित रखी गई थी। इसके अलावा सोने की अंगूठी और चांदी के अन्य जेवर भी चोरी हो गए हैं। चोरी गए जेवरों और अन्य सामान का सही मूल्यांकन फिलहाल किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया, जिन्होंने मौके से साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि जिस स्थान पर यह चोरी हुई है, वह शहर के बीच स्थित क्षेत्र है, जहां शासकीय क्वार्टर और कार्यालय भी मौजूद हैं। इसके बावजूद चोरों का बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देना पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रात में नियमित और प्रभावी गश्त होती तो संभवतः चोरों को इतनी आसानी से घटना को अंजाम देने का मौका नहीं मिलता।
फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता और पुलिस व्यवस्था के प्रति असंतोष भी साफ दिखाई दे रहा है।
बेख़ौफ़ चोर, बेबस पुलिस! सरकारी क्वार्टर में धावा बोलकर लाखों की चोरी, पुलिस की रात्रि गश्त पर उठे गंभीर सवाल…










